तो क्या हुआ !
तो क्या हुआ !एक बार फिर से… दिल ही तो “दुखा” है | तो क्या हुआचाहे अब कोई अपना ही रूठा है | तो क्या हुआरती भर हैं खुशियाँ और पहाड़ जैसे हैं ग़म |…
तो क्या हुआ !एक बार फिर से… दिल ही तो “दुखा” है | तो क्या हुआचाहे अब कोई अपना ही रूठा है | तो क्या हुआरती भर हैं खुशियाँ और पहाड़ जैसे हैं ग़म |…