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Give Respect and take respect

“सम्मान दो और सम्मान लो” क्या ये सच है?

सम्मान दो — क्योंकि आप अच्छे इंसान हैं। सम्मान लो — अगर मिले तो शुक्रिया, न मिले तो भी अपनी शांति बनाए रखो।
कई बार आप सम्मान देते हैं, लेकिन बदले में अपमान, ईर्ष्या या उदासीनता मिलती है। ऐसे में अगर आप “मैंने दिया था, अब क्यों नहीं मिल रहा” सोचकर दुखी होते हैं, तो आप खुद को सजा दे रहे हैं।