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मन को आजादी चाहिए और आंखों को नींद !

व्यक्तिगत जीवन में मन की आजादी का दिन सबको चाहिए, लेकिन मिलता कहा है। जीवन क्षण-क्षण कई रंग ओढ़ता-बिछाता है। अप्रिय होता है तो मन घिन से भर जाता है, आंखें आंसुओं से। कभी-कभी। किसी-किसी… मन को आजादी चाहिए और आंखों को नींद !

मृत्यु से पहले क्या सोचता है इंसान?

ऑस्ट्रेलिया की एक नर्स की किताब , ‘द टॉप फाइव रेग्रेट्स ओफ़ द डाइंग ‘ के अनुसार इन्सान को मृत्यु से पहले सबसे बाड़ा यह खेद होता है कि उसने वह सब चीजें क्यों नहीं… मृत्यु से पहले क्या सोचता है इंसान?