प्रकृति के नियम
प्रकृति का पहला नियम प्रकृति किसी से भेदभाव नहीं करती मुझे हमेशा से ही ऐसा एहसास हुआ है कि कोई न कोई ऐसी सुप्रीम पॉवर है जो हमें उसके होने का एहसास दिलाती रहती है…
प्रकृति का पहला नियम प्रकृति किसी से भेदभाव नहीं करती मुझे हमेशा से ही ऐसा एहसास हुआ है कि कोई न कोई ऐसी सुप्रीम पॉवर है जो हमें उसके होने का एहसास दिलाती रहती है…
We all have heard of the word “tolerance”. We also use it many times with people like “I am just tolerating my boss”, “I can tolerate his laziness only for sometime”, “I am just tolerating…
मेरे मन में हमेशा कोई न कोई सवाल उठता रहता है जिनमें से कुछ सवालों के जवाब कभी प्रत्यक्ष रूप से (Directly) और कभी अप्रत्यक्ष रूप से (Indirectly) मुझे मेरे आस पास मौजूद मेरे अपनों…
जिंदगी यदि किसी मोड़ पर आ कर उलझ-पुलझ होकर जलेबी सी बनने लगे तो उसे चाशनी में डबो कर मज़े लेने की योजना पर अमल शुरू कर देना चाहिए | जीवन की इस भागदौड़ में…
Brief Introduction You attract to your predominant or repeated thoughts that you’re holding in your awareness, whether those thoughts are conscious or unconscious. That’s the most important thing. Here you have to re-think again about…
Introduction 1. The vibrations of mental forces are the finest and consequently the most powerful in existence. 2. It’s working as much as you’re thinking. Any time your thoughts are flowing, the law of attraction…
You have a mind and you should learn how to use it. There are two levels of your mind-the conscious or rational level and the subconscious or irrational level. You think with your conscious mind…
आकर्षण का सिद्धांत जिसकी पुनरुक्ति शक्ति बन जाये उसे ही मंत्र होता है। ऐसे ही जब विचारों की पुनरुक्ति होती ही तो वह आचरण बन जाता है। जिस विचार को बार बार दोहराएंगे वह जीवन…
जल बैठ कर वह भी लोटे में पीना चाहिए ।गिलास तो बहुत बाद शामिल हुआ है हमारी रसोई मे दूध खड़े होके पीना चाहिए । जानिए लोटा और गिलास के पानी में अंतर 🔸🔸🔹🔸🔸🔹🔹🔸🔸🔹🔸🔸 कभी…
हरियाणा काऊ पहाड़ी गाय, गिर, साहीवाल, राठी, कांकरेज, नागौरी, कितने नाम लूं, इनकी तो शक्लो सूरत पर ही इलाके की पहचान दर्ज हैं। लेकिन आज ये गौवंश खतरे में हैं। देश की इस रीढ़ पर…
आज मुझे एक बात समझ में आई के इंसानियत स्वभाव के दो गुण हैं : विखंडन और संलयन(Fragmentation/Fission and Fusion) व्यक्ति कभी तो विखंडन के मूड में होता है और कभी संलयन के मूड में…
आप क्या समझते हैं के सोनाली बेंद्रे का लाइफ स्टाइल खाना पीना कैसा होगा, आप और मैं कल्पना भी नही कर सकते। फिर भी कैंसर कैसे हो गया ? कारण एक ही है जिसपर आज…