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“नफ़रत करना” हमारे देशवसियों का सबसे प्रिय शग़ल है, शौक़ है, प्रियतम वस्तु है, जो हर चीज से प्यारी है और हर चीज पर भारी है।

True Story : मैं अक्सर अपने काम धाम के सिलसिले में देश समाज मे घूमता रहता हूँ, मैं यह देखता हूँ के अहीर, जाट, गुज्जर, पंजाबी, ब्राह्मण, नाई, मोची, खाती, तेली मतलब ABC से XYZ… “नफ़रत करना” हमारे देशवसियों का सबसे प्रिय शग़ल है, शौक़ है, प्रियतम वस्तु है, जो हर चीज से प्यारी है और हर चीज पर भारी है।

मेरी समझ मे बेहतर जीवन की रेसिपी आ ही गयी

बहुत वर्षों पहले प्रोफेसर Anil Gupta जी ने एक बात कही थी के यदि आप financial capital कमाना चाहते हैं तो आपको पहले social capital कमानी चाहिये। आज एक ऐसे ही एंटरप्राइज से वास्ता पड़ा… मेरी समझ मे बेहतर जीवन की रेसिपी आ ही गयी

समझ समझ कर समझ को समझों यही समझना भी एक समझ है, जो इस समझ को ना समझे मेरी समझ में वो नासमझ है।

वर्ण व्यवस्था छुआछूत और सनातन संस्कृति   साथियों अक्सर हम सभी माइक्रो क्लाइमेटस में जीते हैं जहां प्रीलोडेड और कुक्ड इन्फॉर्मेशन का काफी बड़ा फ्री डेटाबेस उपलब्ध रहता है। हम आसानी से उप्लब्ध इस डेटाबेस… समझ समझ कर समझ को समझों यही समझना भी एक समझ है, जो इस समझ को ना समझे मेरी समझ में वो नासमझ है।

“Children treat others the way, we treat them. Our relationship with children is the foundation of their relationship with others”.

As a parent/ teacher, hold great responsibility in the upbringing of children. If kids are brought up with good values today, they will be able to face life with positivity and confidence in future. The… “Children treat others the way, we treat them. Our relationship with children is the foundation of their relationship with others”.

मन को आजादी चाहिए और आंखों को नींद !

व्यक्तिगत जीवन में मन की आजादी का दिन सबको चाहिए, लेकिन मिलता कहा है। जीवन क्षण-क्षण कई रंग ओढ़ता-बिछाता है। अप्रिय होता है तो मन घिन से भर जाता है, आंखें आंसुओं से। कभी-कभी। किसी-किसी… मन को आजादी चाहिए और आंखों को नींद !

मृत्यु से पहले क्या सोचता है इंसान?

ऑस्ट्रेलिया की एक नर्स की किताब , ‘द टॉप फाइव रेग्रेट्स ओफ़ द डाइंग ‘ के अनुसार इन्सान को मृत्यु से पहले सबसे बाड़ा यह खेद होता है कि उसने वह सब चीजें क्यों नहीं… मृत्यु से पहले क्या सोचता है इंसान?